
🔹 क्या हुआ था?
एंजेल चकमा अपने छोटे भाई माइकल के साथ देहरादून के सेलाकुई मार्केट में किराने का सामान खरीद रहे थे, तभी कुछ युवकों से उनकी बहस हो गई। विवाद बढ़ने पर उन पर चाकू से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अस्पताल में लंबी लड़ाई के बाद उनकी मौत हो गई।
🔹 पुलिस की स्थिति
उत्तराखंड पुलिस ने मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी नेपाल में बताया जा रहा है और उसके गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस का कहना है कि अब तक कोई स्पष्ट नस्लीय हिंसा का सबूत नहीं मिला है और मामले की जांच जारी है।
🔹 प्रतिक्रियाएँ और विवाद
हालाँकि इस घटना के बाद कई लोगों ने इसे नस्लीय हमले के रूप में देखा और विरोध किया है। त्रिपुरा और अन्य जगहों पर न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए हैं और राजनीतिक नेताओं ने भी कड़ी निंदा की है।
🔹 मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इस घटना पर संज्ञान लेते हुए उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी किया है और अब तक की कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
🔹 राज्य सरकार की प्रतिक्रिया
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीड़ित के परिवार से बात कर उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है और दोषियों को सख्त सजा दिलाने का भरोसा जताया है। सरकार ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता भी दी है।
📌 यह मामला देश भर में सुरक्षा, समानता और पूर्वोत्तर राज्य के लोगों के साथ व्यवहार जैसे मुद्दों पर बहस का विषय बन गया है, और न्याय की माँग अब तेज़ी से उठ रही है।