आसन कंजर्वेशन रिजर्व में खनन गतिविधियों पर नेगी का बड़ा बयान

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विकासनगर: जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष और जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकार वार्ता में गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देहरादून के अति संवेदनशील आसन कंजर्वेशन रिजर्व में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनदेखी कर 10 किलोमीटर की परिधि के भीतर अवैध खनन गतिविधियां संचालित हो रही हैं।

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवमानना का मामला

नेगी ने बताया कि 14 फरवरी 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल वाइल्डलाइफ बोर्ड की अनुमति के बिना खनन गतिविधियों पर रोक लगाई थी। बावजूद इसके, क्षेत्र में स्टोन क्रशर, स्क्रीनिंग प्लांट, और खनन पट्टों का संचालन जारी है। उन्होंने इसे अधिकारियों की मिलीभगत और सरकार की विफलता करार दिया।

एक दर्जन से अधिक अवैध खनन गतिविधियां

नेगी ने आरोप लगाया कि नियमों को दरकिनार कर क्षेत्र में 12 से अधिक स्टोन क्रशर और खनन पट्टे अवैध रूप से संचालित हैं। यह न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालय के आदेशों की भी अवहेलना है।

न्यायालय में अवमानना याचिका दाखिल करने की तैयारी

नेगी ने कहा कि मोर्चा, खनन सचिव बृजेश कुमार संत और राजपाल लेघा (भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशक) के खिलाफ न्यायालय में व्यक्तिगत अवमानना याचिका दायर करेगा।

2015 के उच्च न्यायालय के आदेश भी प्रभावी

उन्होंने यह भी बताया कि 2015 में उच्च न्यायालय ने खनन पर रोक लगाने के आदेश दिए थे, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा। सरकार की पुनर्विचार याचिका खारिज होने के बावजूद आदेश का पालन नहीं किया जा रहा।

माफिया राज्य के खिलाफ मोर्चा का संकल्प

नेगी ने कहा, “हम किसी भी हाल में प्रदेश में माफिया राज्य स्थापित नहीं होने देंगे।” इस पत्रकार वार्ता में मोर्चा महासचिव आकाश पंवार और दिलबाग सिंह भी मौजूद रहे।

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